| स्वागतम् | Jun 28, 2006 |
सादर आमंत्रण / एक सार्थक हस्तक्षेप के लिए / इस दुनिया पर अपने भी पदचिन्ह छोडने के लिए / आप सबों को / सप्रेम निमंत्रण
| Blog | Aug 27, 2006 |
मैं, तुम और फिल्म
मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं कि गाता चलूं " मैं और मेरी तन्हाई ॰॰॰" पर अपने एकाकी पलों में मैं भी कुछ ऐसा ही सोचता हूं चाहता हूं कि काश! तुम मेरे पास होतीं मुझसे बातें करतीं और मैं तुम्हें निहारता रहता अपलक ॰॰॰॰॰ फिल्मी लग रहा है न मेरा अंदाज ?... morePrevious blog entries: | ||
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